दिव्यता का योग: प्रत्युषा फाउंडेशन और गरिमा गृह सरोना ने ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रत्युषा फाउंडेशन रायपुर एवं गरिमा गृह सरोना द्वारा "दिव्यता का योग" कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, समावेशिता और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।

Jun 23, 2026 - 20:04
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दिव्यता का योग: प्रत्युषा फाउंडेशन और गरिमा गृह सरोना ने ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर | 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्युषा फाउंडेशन रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं गरिमा गृह सरोना के संयुक्त तत्वावधान में "दिव्यता का योग" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ सामाजिक समावेशिता और सहभागिता को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में गरिमा गृह में निवासरत ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों एवं प्रत्युषा फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने एक साथ योगाभ्यास किया।

योग से स्वस्थ जीवन का संदेश

योग प्रशिक्षिका के. जय एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को ताली योग, सूर्य नमस्कार एवं चंद्र नमस्कार का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से हृदय, फेफड़े, यकृत, किडनी सहित शरीर के विभिन्न आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

प्रत्युषा फाउंडेशन की संस्थापिका प्रीति दास मिश्रा ने बताया कि संस्था पिछले कई वर्षों से विभिन्न समुदायों के साथ मिलकर योग दिवस का आयोजन करती आ रही है। यह कार्यक्रम संवेदनशीलता, समानता और साझा प्रगति की भावना को मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास है।

हस्त मुद्राओं की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान प्रीति दास मिश्रा ने प्रतिभागियों को शंख मुद्रा, देवदर्शनी मुद्रा, गरुड़ मुद्रा एवं तितली मुद्रा का अभ्यास कराया। साथ ही उन्होंने इन मुद्राओं के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि इनसे थायराइड, एकाग्रता, पीसीओडी और अनिद्रा जैसी समस्याओं में लाभ मिल सकता है।

योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील

मुख्य अतिथि एवं पूर्व योग आयोग अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शासन ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं, समाज और देश को स्वस्थ एवं निरोगी रखना चाहता है तो उसे प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज चिकित्सक भी दवाइयों के साथ योग को अपनाने की सलाह देते हैं।

वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के अध्यक्ष अरविंद ओझा ने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों को योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए।

बड़ी संख्या में लोगों ने की सहभागिता

कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष सुमन पांडे, उपाध्यक्ष अर्चना वोरा, मंजुषा संत, पुष्पा साहू, मंजू सिंह, आयुष मिश्रा, रामवृत तिवारी सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। वहीं गरिमा गृह की अध्यक्ष विद्या राजपूत, रीना सिंह, गोविंद तथा गरिमा गृह परिवार के 25 से अधिक सदस्यों ने योगाभ्यास में भाग लिया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण, सम्मान और मुख्यधारा में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।