CSR कार्यों में स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता: करन तामो और मुकेश कर्मा ने एनएमडीसी प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
दंतेवाड़ा में एनएमडीसी प्रभावित 12 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सीएसआर मद से संचालित विकास कार्यों में स्थानीय युवाओं, श्रमिकों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर एनएमडीसी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय रोजगार सुनिश्चित करने और बाहरी ठेकेदारों की बढ़ती भागीदारी पर चिंता जताई।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा | एनएमडीसी प्रभावित 12 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सीएसआर मद से संचालित विकास कार्यों में स्थानीय युवाओं, श्रमिकों एवं स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दिए जाने की मांग को लेकर एनएमडीसी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार से वंचित कर बाहरी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कमेली के सरपंच करन तामो एवं जनप्रतिनिधि मुकेश कर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि एनएमडीसी प्रभावित पंचायतों में सैकड़ों पंजीकृत बेरोजगार युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद कई विकास कार्यों में बाहरी ठेकेदारों को प्राथमिकता मिलने से स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को मिले अवसर
ज्ञापन में मांग की गई है कि सीएसआर मद से संचालित सभी विकास कार्यों में स्थानीय युवाओं, श्रमिकों तथा स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाए। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बाहरी ठेकेदारों से भी अपील की है कि वे पंचायत क्षेत्रों में जारी होने वाली निविदाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें तथा स्थानीय युवाओं को अवसर देने में सहयोग करें।
आंदोलन की चेतावनी
करन तामो और मुकेश कर्मा ने कहा कि यदि स्थानीय युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी ठेकेदारों को कार्य आवंटित किए जाते हैं, तो प्रभावित पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता भी बढ़ेगी।
12 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
उल्लेखनीय है कि यह ज्ञापन एनएमडीसी प्रभावित 12 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के साथ एनएमडीसी प्रबंधन को सौंपा गया है। इससे स्थानीय रोजगार, स्थानीय ठेकेदारों की भागीदारी और प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच गोविंद कुंजाम, करन तामो, सुनील बास्सा, राजू कुंजाम, रवि तेलाम, विजय कर्मा, सोमारी भास्कर, मंगली बारसे, राजा राम नेताम, सुनील भास्कर, विजय कुंजाम, मीरा भास्कर, मंगल भास्कर, हिमानी तेलाम, विशाल मरकाम, रामधर, बलराम भास्कर एवं दिलीप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।