G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने उपहारों के जरिए दिखाई भारत की विरासत, दुनिया को दिया संस्कृति और परंपरा का संदेश
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं को भारत की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इनमें रामबन शहद, लाकाडोंग हल्दी, नागौरी अश्वगंधा, बनारसी सिल्क स्टोल और ठेकुआ शामिल रहे, जिन्होंने भारत की विविधता और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दुनिया के प्रमुख नेताओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े विशेष उपहार भेंट कर वैश्विक मंच पर भारतीय पहचान को मजबूती से प्रस्तुत किया। इन उपहारों के माध्यम से भारत की विविधता, पारंपरिक कृषि प्रणाली, आयुर्वेदिक ज्ञान और हस्तशिल्प की अनूठी झलक देखने को मिली।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेंट किए गए उपहारों में जम्मू-कश्मीर का प्रसिद्ध रामबन शहद, मेघालय की लाकाडोंग हल्दी, राजस्थान की नागौरी अश्वगंधा और उत्तर प्रदेश का हाथ से बुना बनारसी सिल्क स्टोल शामिल था। इन उत्पादों का चयन भारत की क्षेत्रीय विशेषताओं और स्थानीय समुदायों की पारंपरिक आजीविका को ध्यान में रखकर किया गया।
रामबन शहद जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी में तैयार किया जाता है और अपने विशिष्ट स्वाद तथा प्राकृतिक गुणों के लिए जाना जाता है। पारंपरिक तरीकों से उत्पादित यह शहद आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं मेघालय की लाकाडोंग हल्दी अपने उच्च करक्यूमिन स्तर के कारण विश्वभर में पहचान बना चुकी है। यह जीआई टैग प्राप्त उत्पाद है और अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है।
राजस्थान के नागौर क्षेत्र में उत्पादित नागौरी अश्वगंधा भी जीआई टैग प्राप्त उत्पाद है। आयुर्वेद में इसका उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए किया जाता है। यह भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इसके अलावा वाराणसी के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया बनारसी सिल्क स्टोल भारतीय हस्तकरघा कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। अपनी बारीक जरी कारीगरी और आकर्षक डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध बनारसी सिल्क आज भी भारत के सबसे प्रतिष्ठित वस्त्र उत्पादों में गिना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के संसद अध्यक्ष रिचर्ड राई को बिहार और झारखंड की पारंपरिक मिठाई ठेकुआ भी भेंट की। गेहूं के आटे, गुड़, घी और सौंफ से तैयार होने वाला ठेकुआ पूर्वी भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा विशेष रूप से छठ पर्व से जुड़ा हुआ माना जाता है।
G7 शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump, जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer, इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni और अन्य वैश्विक नेता शामिल हुए।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शासन, विकास और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग को लेकर भारत के दृष्टिकोण को साझा किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आयोजित विशेष सत्र में उन्होंने मानव-केंद्रित और नैतिक AI विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नई तकनीकों का लाभ विकासशील देशों तक भी समान रूप से पहुंचना चाहिए। G7 में भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इन उपहारों ने एक बार फिर दुनिया के सामने भारत की विविधता, परंपरा और नवाचार का प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया।