नेगीगुड़ा में पीलिया फैलने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 377 घरों का सर्वे कर शुरू किया उपचार अभियान

जगदलपुर विकासखंड के नेगीगुड़ा गांव में पीलिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 377 घरों का सर्वे किया। प्रभावित लोगों का उपचार शुरू कर पानी के स्रोतों की जांच, क्लोरीन टैबलेट वितरण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

Jul 10, 2026 - 10:56
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नेगीगुड़ा में पीलिया फैलने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 377 घरों का सर्वे कर शुरू किया उपचार अभियान

UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घाटपदमुर के आश्रित ग्राम नेगीगुड़ा में पीलिया (जॉन्डिस) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र में राहत, उपचार और रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में मौजूद रहकर मरीजों की निगरानी और उपचार कर रही है।

कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन में दो विशेष स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने गांव में घर-घर जाकर कुल 377 परिवारों का सर्वे पूरा किया। सर्वे के दौरान संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।

बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए मितानिन कार्यकर्ताओं के सहयोग से ग्रामीणों के बीच क्लोरीन टैबलेट, जिंक की गोलियां और ओआरएस पाउडर का वितरण किया गया। साथ ही गांव के कुओं और अन्य जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया, ताकि दूषित पानी के कारण संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया के संभावित स्रोत की पहचान के लिए पेयजल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को प्रभावित क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और जल स्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पूरा अभियान चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और मितानिनों के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, महामारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कुम्हरावंड डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, नानगुर के प्रभारी बीएमओ डॉ. आरएस भंवर तथा एपिडिमोलॉजिस्ट दीपक पाणिग्रही ने क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और पूरी सावधानी बरतें। सभी लोगों को केवल उबला और छना हुआ पानी पीने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा भोजन बनाने और खाने से पहले हाथ धोने की सलाह दी गई है।

विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में उल्टी, दस्त, आंखों या त्वचा में पीलापन, गहरे रंग का पेशाब अथवा अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य शिविर या मितानिन से संपर्क कर उपचार शुरू कराएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है।