प्राकृतिक खेती मॉडल और बायो रिसर्च सेंटर ने अतिथियों को किया प्रभावित, जैविक नवाचारों की सराहना

छिंदवाड़ा में प्रगतिशील जैविक कृषक राहुल कुमार वसूले के कृषि फार्म और बायो रिसर्च सेंटर का दौरा कर विभिन्न अतिथियों ने प्राकृतिक खेती मॉडल की सराहना की। जैविक खेती, मल्टीक्रॉपिंग, जैविक खाद निर्माण और नवरत्न आटा यूनिट को किसानों और समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया गया।

Jun 20, 2026 - 13:22
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प्राकृतिक खेती मॉडल और बायो रिसर्च सेंटर ने अतिथियों को किया प्रभावित, जैविक नवाचारों की सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l जिले के प्रगतिशील गौ-आधारित जैविक कृषक राहुल कुमार वसूले के कृषि फार्म एवं बायो रिसर्च सेंटर का विभिन्न सामाजिक और कृषि क्षेत्र से जुड़े अतिथियों ने भ्रमण कर प्राकृतिक खेती के मॉडल की सराहना की। भारतीय किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पवार, प्रदेश कोषाध्यक्ष संदीप रघुवंशी तथा विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं ओबीसी महापंचायत के अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा ने कृषि फार्म का निरीक्षण कर यहां किए जा रहे नवाचारों को प्रेरणादायक बताया।

भ्रमण के दौरान अतिथियों ने खेतों में अपनाई जा रही इंटरक्रॉपिंग और मल्टीक्रॉपिंग पद्धति का अवलोकन किया। खेत में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की मिश्रित खेती, मेड़ों पर विकसित बांस की जीवंत फेंसिंग तथा शेडनेट में 8 से 10 फीट ऊंचे टमाटर के पौधों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। टमाटर के साथ गोभी, भिंडी, बैंगन, मिर्च, लौकी, गिलकी, ककड़ी, मूली, पालक और अन्य हरी सब्जियों की एक साथ जैविक खेती को उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।

अतिथियों ने बायो रिसर्च सेंटर का भी अवलोकन किया, जहां गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद एवं प्राकृतिक कीट नियंत्रक तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल साबित करता है कि बिना रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के भी गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक कृषि उत्पादन संभव है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

भ्रमण के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से स्थापित “नवरत्न आटा” यूनिट का भी निरीक्षण कराया गया। इस यूनिट में नौ प्रकार के अनाजों को मिलाकर कोल्ड प्रेस तकनीक से पौष्टिक आटा तैयार किया जाता है। अतिथियों ने इस पहल को पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नवाचार बताते हुए इसकी सराहना की।

राहुल कुमार वसूले ने अतिथियों को बताया कि छिंदवाड़ा की गुरैया सब्जी मंडी में प्रत्येक शनिवार जैविक बाजार का आयोजन किया जाता है, जहां जैविक उत्पाद सीधे किसानों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाते हैं। इस बाजार में शहर के नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचकर जैविक सब्जियां, अनाज, आटा, घी और गुड़ जैसे विषमुक्त उत्पाद खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि यह जैविक बाजार अब 28 सप्ताह का सफर पूरा कर चुका है और लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

वसूले ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से गौ-आधारित प्राकृतिक एवं जैविक खेती के क्षेत्र में लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है कि आज उपभोक्ताओं को सीधे किसानों से ताजे और शुद्ध उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। यह पहल किसानों और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बनी है।

कार्यक्रम के अंत में राहुल कुमार वसूले ने अतिथियों को नवरत्न आटा भेंट किया। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास स्वस्थ समाज और टिकाऊ कृषि व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।