सूरजपुर जिले में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 100 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में मंत्रोच्चार, वरमाला, फेरे और सिंदूरदान जैसी सभी रस्में विधिपूर्वक निभाई गईं। शहनाइयों की गूंज, बैंड-बाजों की मधुर धुन और पुष्प वर्षा के बीच नवदंपत्तियों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सामाजिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान और सहारा दोनों प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य शासन द्वारा दो चरणों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने नवदंपत्तियों से शासन की विभिन्न स्वरोजगार और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने का संदेश दिया। विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सामूहिक विवाह समारोह में नवदंपत्तियों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। वहीं बेटियों की विदाई के समय कई परिजनों की आंखें नम हो गईं। परिवारों ने इस गरिमामय आयोजन के लिए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य नवदंपत्तियों को नए जीवन की शुरुआत में आर्थिक संबल देना और जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना है। राज्य सरकार की यह योजना सामाजिक सहयोग, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक भागीदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आ रही है।