कवर्धा की मीना धुर्वे ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक, वन विभाग का बढ़ाया गौरव
कवर्धा वनमंडल की उप वनक्षेत्रपाल मीना धुर्वे ने अखिल भारतीय सिविल सेवा वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर प्रदेश और विभाग का नाम रोशन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कवर्धा वनमंडल में पदस्थ उप वनक्षेत्रपाल श्रीमती मीना धुर्वे ने अखिल भारतीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल कर पूरे विभाग और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल वन विभाग का मान बढ़ा है, बल्कि जिले के युवाओं को भी प्रेरणा मिली है।
यह उपलब्धि उन्होंने केन्द्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं खेल बोर्ड, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सेवा वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025-26 में हासिल की। यह प्रतियोगिता 5 से 7 मार्च 2026 तक चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से विभिन्न विभागों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मीना धुर्वे ने 77 किलोग्राम वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 97 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें उन्होंने स्नेच में 42 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 55 किलोग्राम वजन उठाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और रजत पदक अपने नाम किया।
उनकी यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। इससे पहले भी मीना धुर्वे वन विभाग द्वारा आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, जिससे उनका खेल कौशल पहले ही साबित हो चुका है।
वनमंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि मीना धुर्वे ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विभाग का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
वनमंडल के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं। विभाग का मानना है कि ऐसे प्रतिभाशाली अधिकारी न केवल अपने कार्यक्षेत्र में बल्कि खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।
मीना धुर्वे की यह उपलब्धि खासकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत संदेश देती है। यह साबित करता है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर महिलाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे