महेश नवमी पर माहेश्वरी पंचायत ने की गौ सेवा, मंदिर में हुआ विशेष पूजन
महेश नवमी के अवसर पर बालोद में माहेश्वरी पंचायत द्वारा गौ सेवा एवं विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजजनों ने महावीर गौशाला में गौ माता को हरा चारा खिलाया तथा गोपाल कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और समाज की उन्नति की कामना की।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l महेश नवमी के पावन अवसर पर माहेश्वरी पंचायत, बालोद द्वारा धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने गौ सेवा करते हुए गौ संरक्षण का संदेश दिया तथा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर समाज और विश्व कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम के तहत शाम लगभग 5 बजे माहेश्वरी पंचायत के पदाधिकारी एवं सदस्य महावीर गौशाला एवं अनुसंधान केंद्र, बालोद पहुंचे। यहां उपस्थित लोगों ने गौ माता को हरा चारा खिलाकर गौ सेवा की। कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर भी चर्चा की गई। समाजजनों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ सेवा को विशेष स्थान प्राप्त है और यह केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
गौशाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गौ माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके संरक्षण और देखभाल के लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान गौशाला प्रबंधन द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद सभी श्रद्धालु गोपाल कृष्ण मंदिर पहुंचे, जहां भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। पूजा के दौरान समाज के लोगों ने सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली, समाज की प्रगति और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
कार्यक्रम में महावीर गौशाला एवं अनुसंधान केंद्र, बालोद के अध्यक्ष, सचिव और कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित रहे। गौशाला के सचिव विनय सोनी ने माहेश्वरी पंचायत के पदाधिकारियों और समाजजनों का स्वागत करते हुए महेश नवमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है, जो समाज को सेवा, करुणा और संवेदनशीलता का संदेश देती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। गौशाला और समाज के संयुक्त प्रयासों से गौ संरक्षण के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित होती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जानकारी मिलती है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, समाजजनों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। गौशाला समिति की ओर से उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। पूरे आयोजन में उत्साह, श्रद्धा और सेवा भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिससे महेश नवमी पर्व का महत्व और अधिक बढ़ गया।