स्वच्छता अभियान केवल दिखावा, जनता के पैसे की बर्बादी: देवेश मिश्रा

भगवा (भारतीय गण वार्ता) पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने राज्य सरकार के स्वच्छता अभियान-2026 को दिखावटी अभियान बताते हुए इसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों में मूलभूत सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है, जबकि सरकार केवल दीवारों पर चित्रकारी और संदेश लिखवाने पर जोर दे रही है।

Jun 23, 2026 - 12:35
Jun 23, 2026 - 12:37
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स्वच्छता अभियान केवल दिखावा, जनता के पैसे की बर्बादी: देवेश मिश्रा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भगवा (भारतीय गण वार्ता) पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वच्छता अभियान-2026 पर सवाल उठाते हुए इसे जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी और केवल दिखावटी अभियान बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता के नाम पर दीवारों और सार्वजनिक स्थलों पर चित्रकारी एवं संदेश लिखवाने में संसाधन खर्च कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति संतोषजनक नहीं है।

देवेश मिश्रा ने जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत शहरों की प्रमुख दीवारों, बॉउंड्री वॉल और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता संबंधी चित्र और संदेश बनाए जा रहे हैं। लेकिन यदि शहरों की गलियों, वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति देखी जाए तो कई स्थानों पर गंदगी की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में अब तक कचरा निष्पादन की स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित नहीं हो पाई है। कई शहरों में कचरा खुले स्थानों पर डंप किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में नालियों की सफाई नियमित रूप से नहीं हो रही है तथा गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है।

देवेश मिश्रा ने यह भी कहा कि कई मोहल्लों और गलियों में सड़कें मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। मुख्य सड़कों पर भी कई स्थानों पर मरम्मत कार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उनका कहना है कि जब मूलभूत सुविधाओं और सफाई व्यवस्था की समस्याएं बनी हुई हैं, तब केवल मुख्य मार्गों और चौराहों को सजाकर स्वच्छता का संदेश देना व्यावहारिक समाधान नहीं माना जा सकता।

उन्होंने प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, प्रतिबंध और जागरूकता अभियानों के बावजूद आज भी अनेक स्थानों पर प्लास्टिक सामग्री का उपयोग जारी है। साथ ही कई अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों और अन्य स्थानों पर भी स्वच्छता संबंधी कमियां देखने को मिलती हैं।

देवेश मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता तभी संभव है जब लोगों के बीच जागरूकता बढ़े और स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को केवल प्रचार-प्रसार तक सीमित रहने के बजाय स्थायी सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, जल निकासी और जनजागरूकता पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

राजनीतिक मुद्दों पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी सनातन मूल्यों के आधार पर समाज के सभी वर्गों के हित और प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।