सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा को मिली हरी झंडी, रायपुर से 1000 से अधिक श्रद्धालु रवाना
रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस यात्रा में प्रदेश के 1000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे सांस्कृतिक अस्मिता और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा में प्रदेश के 1000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जो गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए रवाना हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा सहित कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
यात्रा पर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं में वरिष्ठ नागरिक, पद्म सम्मान प्राप्त विभूतियां, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिक शामिल रहे। ट्रेन रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यात्रियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाबा सोमनाथ के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और खुशहाली की कामना लेकर जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सफल और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होगी।
विधायक अनुज शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके अनुसार यह यात्रा केवल श्रद्धालुओं का समूह नहीं, बल्कि प्रदेश की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है।
अनुज शर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय स्वाभिमान, पुनरुत्थान और अटूट आस्था का प्रतीक है। इतिहास में कई बार चुनौतियों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर देश की सांस्कृतिक शक्ति और विश्वास का केंद्र बना रहा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी यात्रा को प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब, धरमलाल कौशिक, डॉ. संपत अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति भाव के साथ यात्रा की शुरुआत की। पूरे रेलवे स्टेशन परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।