आलीराजपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन, 12 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में
आलीराजपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 12 जोड़ों का वैवाहिक संस्कार संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंत्री नागर सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया और योजना के लाभों की जानकारी दी।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l मध्य प्रदेश के आलीराजपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन कृषि उपज मंडी परिसर में किया गया। इस आयोजन में नगर पालिका क्षेत्र के कुल 12 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। कार्यक्रम पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक और आनंदित कर दिया।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री) शामिल हुए। उनके साथ सेना पटेल (नगर पालिका अध्यक्ष एवं जोबट विधायक), कलेक्टर नीतू माथुर, जिला पंचायत सीईओ संघमित्रा गौतम और जिला अध्यक्ष मकू परवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी है और इसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को विवाह के बाद 49,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत आर्थिक रूप से मजबूत आधार के साथ कर सकें।
उन्होंने नवदंपत्तियों को सलाह देते हुए कहा कि विवाह जीवन की एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। दोनों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और परिवार के साथ सामंजस्य बनाकर चलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कौशल आधारित रोजगार अपनाने की भी प्रेरणा दी, जिससे जीवन में समृद्धि लाई जा सके।
वहीं, विधायक सेना पटेल ने नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जो जरूरतमंद परिवारों को सहारा देती है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जिन जोड़ों का पंजीयन किसी कारणवश इस बार नहीं हो पाया, उन्हें अगली बार अवश्य अवसर दिया जाएगा।
कलेक्टर नीतू माथुर ने सभी नवविवाहित जोड़ों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह का उद्देश्य बिना आडंबर के सादगीपूर्ण और सामाजिक समरसता के साथ विवाह संपन्न कराना है। उन्होंने नवदंपत्तियों को सकारात्मक सोच के साथ जीवन की नई शुरुआत करने और दोनों परिवारों का सम्मान करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान गायत्री परिवार के ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अग्नि के समक्ष सभी जोड़ों का विवाह संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा वातावरण धार्मिक और पवित्रता से भर गया।
समारोह के अंत में नवदंपत्तियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए और उनके लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। इस आयोजन ने न केवल सामाजिक एकता को बढ़ावा दिया, बल्कि यह भी दर्शाया कि सरकार की योजनाएं सही दिशा में लोगों तक पहुंच रही हैं।
यह सामूहिक विवाह सम्मेलन जिले में इस वर्ष का पहला आयोजन था, जिसने कई परिवारों के लिए एक नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त किया और समाज में सकारात्मक संदेश दिया।