नगर निगम कोरबा की जनकल्याणकारी पहल ‘महापौर की पाती’: 24 घंटे में समस्याओं का समाधान

कोरबा नगर निगम की ‘महापौर की पाती’ पहल के तहत मात्र 4 दिनों में 31 में से 29 शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान किया गया। नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए यह व्यवस्था कारगर साबित हो रही है।

Mar 20, 2026 - 14:21
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नगर निगम कोरबा की जनकल्याणकारी पहल ‘महापौर की पाती’: 24 घंटे में समस्याओं का समाधान

UNITED NEWS OF ASIA. भूपेंद्र साहू, कोरबा | नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी पहल ‘महापौर की पाती’ आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। इस पहल के तहत मात्र 4 दिनों में प्राप्त अधिकांश शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान कर प्रशासन ने अपनी सक्रियता का परिचय दिया है।

महापौर संजू देवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के नेतृत्व में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं की बेहतरी और व्यवस्थाओं में सुधार के उद्देश्य से यह अभिनव पहल शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी, साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना है।

4 दिनों में 29 शिकायतों का समाधान

नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से 19 मार्च के बीच ‘महापौर की पाती’ के अंतर्गत कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 29 आवेदनों का तत्काल संतुष्टिपूर्ण निराकरण कर दिया गया, जबकि 2 आवेदन ऐसे थे जिनका समाधान तत्काल संभव नहीं था और उन्हें प्रक्रिया में रखा गया है।

प्राप्त आवेदनों में साफ-सफाई से संबंधित 7, पेयजल से जुड़े 12 और स्ट्रीट लाइट से संबंधित 12 आवेदन शामिल थे। इनमें से स्ट्रीट लाइट के 2 मामले अभी लंबित हैं, जबकि बाकी सभी समस्याओं का समाधान कर दिया गया है।

रंगीन लेटर बॉक्स से आसान शिकायत प्रक्रिया

‘महापौर की पाती’ व्यवस्था के तहत नगर निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत के प्रवेश द्वार पर तीन रंगों के लेटर बॉक्स स्थापित किए गए हैं। लाल रंग के बॉक्स में स्ट्रीट लाइट, हरे रंग में साफ-सफाई और नीले रंग में पेयजल से संबंधित शिकायतें डाली जाती हैं।

यह व्यवस्था नागरिकों के लिए सरल और सुलभ शिकायत प्रणाली प्रदान करती है, जिससे वे बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।

डिजिटल मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई

इन लेटर बॉक्स में डाले गए शिकायत पत्रों को प्रतिदिन निकालकर कंप्यूटर में दर्ज किया जाता है। इसके बाद संबंधित प्रभारी अधिकारी को व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी भेजी जाती है।

पत्र प्राप्त होते ही अधिकारी तत्काल संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। निर्धारित 24 घंटे की समयसीमा में समस्या का समाधान करना अनिवार्य किया गया है, जिससे जवाबदेही भी तय होती है।

नागरिकों को मिल रही राहत

इस पहल से शहरवासियों को बड़ी राहत मिल रही है। पहले जहां छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान में लंबा समय लग जाता था, वहीं अब 24 घंटे के भीतर निराकरण होने से लोगों का नगर निगम पर विश्वास बढ़ा है।

कुल मिलाकर ‘महापौर की पाती’ कोरबा नगर निगम की एक सराहनीय पहल साबित हो रही है, जो न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी बना रही है, बल्कि आम जनता को त्वरित राहत भी प्रदान कर रही है।