एमसीबी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 3 बाल विवाह रुकवाए, परिवारों को दी कड़ी समझाइश

एमसीबी जिले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन बाल विवाह रोक दिए। डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर टीम ने परिवारों को कानून और दुष्परिणामों की जानकारी दी।

Apr 23, 2026 - 15:39
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एमसीबी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 3 बाल विवाह रुकवाए, परिवारों को दी कड़ी समझाइश

UNITED NEWS OF ASIA. एमसीबी। एमसीबी जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मामलों को समय रहते रोक दिया। यह कार्रवाई चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसने नाबालिग बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कोडांगी (थाना खड़गवां), ग्राम पंचायत केलुआ और ग्राम पंचायत दुगला (थाना केल्हारी) में बाल विवाह की तैयारियां चल रही थीं। सूचना मिलते ही कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय हुआ और तत्काल संयुक्त टीम का गठन किया गया।

इस टीम में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, ब्लॉक परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर के सदस्य, सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने मिलकर मौके पर पहुंचकर बाल विवाह की प्रक्रिया को रुकवाया।


प्रशासनिक टीम ने संबंधित परिवारों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों—चाहे वह पंडित हो, रिश्तेदार हो या आयोजन से जुड़े अन्य लोग—सभी पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाल विवाह में संलिप्त लोगों को 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है।

कार्रवाई के दौरान संबंधित मामलों में पंचनामा और प्रतिवेदन भी तैयार किया गया। प्रशासन ने परिवारों को समझाइश देकर विवाह को स्थगित कराया और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी दी।

इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने न केवल तीन बाल विवाहों को रोका, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया कि कानून के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें। यदि कहीं भी ऐसी घटना की जानकारी मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

कुल मिलाकर, एमसीबी जिले की यह कार्रवाई न केवल प्रभावी प्रशासनिक कार्यवाही का उदाहरण है, बल्कि यह समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।