सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक सदस्यता पर यू-टर्न: कांग्रेस का हमला, डिप्टी सीएम अरुण साव का पलटवार

रायपुर में शासकीय सेवकों की राजनीतिक सदस्यता पर सरकार के यू-टर्न को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा, जबकि अरुण साव ने जवाब दिया कि आरएसएस राजनीतिक दल नहीं है।

Apr 23, 2026 - 15:43
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सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक सदस्यता पर यू-टर्न: कांग्रेस का हमला, डिप्टी सीएम अरुण साव का पलटवार

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l रायपुर में शासकीय कर्मचारियों की राजनीतिक दलों या संगठनों में सदस्यता को लेकर जारी आदेश पर सरकार के यू-टर्न के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर जहां कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है, वहीं भाजपा और राज्य सरकार की ओर से भी पलटवार किया गया है।

कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस आदेश को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या अब शासकीय कर्मचारी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं? क्या उन्हें राजनीतिक दलों में पदाधिकारी बनने की अनुमति दी जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला कहीं न कहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को ध्यान में रखकर लिया गया है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इससे यह प्रतीत होता है कि सरकार परोक्ष रूप से आरएसएस के प्रभाव में काम कर रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सेवा नियमों में कोई बदलाव किया गया है, या कर्मचारियों को विशेष छूट दी गई है।

वहीं, इन आरोपों पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी सेवा नियमों से बंधे होते हैं और उन्हें उन्हीं के अनुसार आचरण करना पड़ता है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरएसएस कोई राजनीतिक दल नहीं है और इसे राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है।

इस मुद्दे पर बयानबाजी के दौरान उपमुख्यमंत्री साव ने अन्य राजनीतिक विषयों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत पर कहा कि न्यायालय स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए साव ने कहा कि वहां परिवर्तन की लहर है और जल्द ही सुशासन स्थापित होगा। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन संभव है।

इसके अलावा धान खरीदी में हुए नुकसान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और नुकसान को रोकने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए उपसमिति की बैठक में समीक्षा की जाएगी।

राहुल गांधी की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल बैठक पर भी उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। साव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी वर्ग की उपेक्षा की है और अब सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें इस वर्ग की याद आ रही है।

कुल मिलाकर, शासकीय कर्मचारियों की राजनीतिक सदस्यता को लेकर उठे इस विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक बहस और टकराव का केंद्र बन सकता है।