दौरे के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ओरछापाल में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द पक्के मकान उपलब्ध हो सकें।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
पेयजल व्यवस्था का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गांव में पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। हैंडपंपों की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों से सीधा संवाद
दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को कलेक्टर के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। कलेक्टर के इस सीधे संवाद से ग्रामीणों में विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने सभी ग्रामीणों की मलेरिया जांच सुनिश्चित करने और संक्रमित पाए जाने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलखो, जनपद पंचायत ओरछा के सीईओ लोकेश चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कलेक्टर नम्रता जैन का यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शासन अब दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है।