कुसमुंडा खदान में कर्मचारी की संदिग्ध मौत, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

कोरबा जिले की एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में कार्यरत कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अलग-अलग दावों के बीच कर्मचारी संगठनों व स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।

Jul 8, 2026 - 11:05
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कुसमुंडा खदान में कर्मचारी की संदिग्ध मौत, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

UNITED NEWS OF ASIA. कोरबा l कोरबा जिले की एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में कार्यरत कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब तक न तो एसईसीएल प्रबंधन और न ही पुलिस की ओर से घटना के वास्तविक कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और विभिन्न दावों के चलते मामले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात की बताई जा रही है। किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक मूल रूप से कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के बिछिया गांव का निवासी था और एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में कार्यरत था।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के संबंध में कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि कर्मचारी किसी भारी वाहन के पहिये की चपेट में आ गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हालांकि इस दावे की अब तक किसी भी अधिकृत सरकारी एजेंसी, पुलिस अथवा एसईसीएल प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है। इसलिए वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों को फिलहाल आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों को वीडियो बनाने से रोका गया। इन दावों की भी अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।

घटना के बाद कर्मचारी वर्ग और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि यह औद्योगिक दुर्घटना है तो इसके वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, लापरवाही या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर्मचारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कोई लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

इस बीच प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करें, ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।