कोरबा में नशा मुक्ति अभियान को तेज करने के निर्देश, सभी शिक्षण संस्थानों को बनाया जाएगा तंबाकू मुक्त

कोरबा में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने, अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने, ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने और नशा मुक्ति केंद्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

Jul 8, 2026 - 11:42
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कोरबा में नशा मुक्ति अभियान को तेज करने के निर्देश, सभी शिक्षण संस्थानों को बनाया जाएगा तंबाकू मुक्त

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की। बैठक में नशे की रोकथाम, तंबाकू नियंत्रण, जनजागरूकता और नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देबेन्द्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में तंबाकू निषेध संबंधी जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएं। साथ ही स्कूल और कॉलेज परिसरों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए जिले की सभी कूरियर डिलीवरी एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि आधुनिक माध्यमों से होने वाली नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है।

समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान संचालित करने तथा भारत वाहिनी की इकाइयों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

बैठक में जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकृत नशा मुक्ति केंद्र निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित हों। साथ ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया जाए।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और विभागीय समन्वय से ही नशा मुक्त कोरबा का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकता है।