दुर्ग में पशु क्रूरता का मामला: बारिश से बचने आए पिल्ले की मौत, आरोपी पर FIR दर्ज

भिलाई के स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में बारिश से बचने के लिए एक ऑटो सेंटर में घुसे आवारा पिल्ले की कथित रूप से लात मारने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पशु प्रेमी संगठनों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Jul 8, 2026 - 11:28
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दुर्ग में पशु क्रूरता का मामला: बारिश से बचने आए पिल्ले की मौत, आरोपी पर FIR दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग l दुर्ग जिले के भिलाई स्थित स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में पशु क्रूरता का एक मामला सामने आया है, जिसने पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बारिश से बचने के लिए एक ऑटो सेंटर में घुसे आवारा पिल्ले को कथित रूप से लात मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के दौरान एक आवारा पिल्ला भीगने से बचने के लिए भिलाई के मां बनलेश्वरी ऑटो सेंटर में घुस गया था। आरोप है कि ऑटो सेंटर के संचालक ने पिल्ले को जोरदार लात मार दी। टक्कर लगने से पिल्ला पास में बनी पानी की टंकी में जा गिरा। शिकायत के अनुसार, टंकी में गिरने के बाद उसकी डूबने से मौत हो गई।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी हिमांशु उपाध्याय ने इसकी शिकायत स्मृति नगर चौकी में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद पशु प्रेमी संगठनों और एनिमल एक्टिविस्टों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि बेजुबान जानवरों के साथ क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को कानूनी रूप से अंत तक लड़ेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सामाजिक संगठनों ने लोगों से बारिश के मौसम में आवारा पशुओं और पक्षियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान बेजुबान जानवर सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे में उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना मानवीय जिम्मेदारी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। वहीं, इस घटना ने पशु संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता को लेकर समाज में एक बार फिर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।