किरंदुल ढेका श्रमिकों का त्यौहार फीका, वेतन और बोनस न मिलने से परिवारों में मायूसी

दंतेवाड़ा के किरंदुल ढेका श्रमिकों का त्यौहार इस बार फीका पड़ने की आशंका जताई जा रही है। एनएमडीसी परियोजना के दैनिक मजदूरों को समय पर वेतन और वार्षिक बोनस न मिलने से परिवारों में मायूसी छाई हुई है।

Sep 27, 2025 - 18:43
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किरंदुल ढेका श्रमिकों का त्यौहार फीका, वेतन और बोनस न मिलने से परिवारों में मायूसी

UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल ढेका श्रमिकों के लिए त्यौहार इस बार भी फीका पड़ने की आशंका है। एनएमडीसी परियोजना में वर्षों से ढेका प्रवृत्ति में कार्यरत दैनिक मजदूरों को समय पर वेतन और वार्षिक बोनस न मिलने की संभावना के कारण उनके परिवारों में मायूसी का माहौल है।

जहां नियमित सरकारी नौकरी वाले अधिकारी-कर्मचारी महीने के अंतिम दिन ही वेतन और बोनस की सौगात पाकर उत्साहित हैं, वहीं ढेका श्रमिकों को अक्सर अगले महीने की 10 से 20 तारीख तक अपने वेतन की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। पिछले वर्ष भी दिवाली बीतने के बाद ही उन्हें बोनस मिला था।

मजदूरों का कहना है कि यूनियन और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण नियमित कर्मियों को लाभ मिलता है, जबकि ढेका श्रमिकों की समस्याओं की अनदेखी होती है। उनका आरोप है, "हमें केवल आंदोलन और हड़ताल में दिखावे के लिए इस्तेमाल किया जाता है, फिर किनारे कर दिया जाता है।"

डरे-सहमे मजदूर अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते क्योंकि रोज़गार छिन जाने का भय बना रहता है। यही कारण है कि उनकी आवाज़ मुख्यालय या सरकार तक नहीं पहुंच पाती।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार 'खुशहाल राज्य' का सपना दिखा रही है, लेकिन ढेका श्रमिकों की पीड़ा और मौलिक अधिकारों की अनदेखी इस सपने पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मजदूरों की मांग:

  • समय पर वेतन और वार्षिक बोनस की गारंटी

  • कार्य में योग्यता अनुसार उचित नियुक्ति

  • शासन-प्रशासन द्वारा समस्या का गंभीर संज्ञान