कोंडागांव में भारी ओलावृष्टि से तबाही: बड़ेराजपुर क्षेत्र में किसानों की फसलें बर्बाद
कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि से मक्का, धान और चना की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने शासन से मुआवजे की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव। जिले के बड़ेराजपुर ब्लॉक में बीती शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में बर्फ की चादर जैसी स्थिति बन गई। खेतों, सड़कों और घरों के आसपास ओलों की मोटी परत जमा हो गई, जो कई घंटों तक पिघली नहीं। यह नजारा आमतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिलता है, लेकिन कोंडागांव जैसे मैदानी क्षेत्र में ऐसा दृश्य लोगों के लिए हैरान करने वाला था।
तेज बारिश और ओलों की मार से किसानों की मक्का, धान और चना की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भीषण ओलावृष्टि पहले कभी नहीं देखी।
पाडोकी गांव के किसान लखन मरकाम ने बताया कि अचानक आए इस मौसम परिवर्तन ने पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं ग्राम पटेल बुधराम मंडावी ने भी कहा कि खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित किसानों ने शासन और प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति का जायजा लेने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाएगा और शासन स्तर पर सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति किसानों की संवेदनशीलता को उजागर करती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन कितनी जल्दी राहत और मुआवजा प्रदान करता है, ताकि प्रभावित किसानों को कुछ राहत मिल सके।