कवर्धा वनमंडल में विश्व आर्द्रभूमि दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन, वेटलैण्ड संरक्षण की ली शपथ
कवर्धा वनमंडल अंतर्गत सहसपुर लोहारा, पंडरिया, कवर्धा एवं भोरमदेव क्षेत्रों में विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर वेटलैण्ड संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें जनप्रतिनिधि, वनकर्मी, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन शामिल हुए।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर कवर्धा वनमंडल अंतर्गत विभिन्न उपवनमंडलों में वेटलैण्ड संरक्षण एवं जनजागरूकता को लेकर उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण, संवर्धन तथा आमजन में इनके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
उपवनमंडल सहसपुर लोहारा अंतर्गत उप परिक्षेत्र सहसपुर स्थित सहसपुर वेटलैण्ड में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर माननीय जनप्रतिनिधिगण, वन विभाग के समस्त कार्यालयीन एवं मैदानी अमला, विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा उपस्थित सभी लोगों को वेटलैण्ड संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई गई तथा जल, जैव विविधता एवं पर्यावरण संतुलन में आर्द्रभूमियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
शपथ कार्यक्रम के पश्चात जनप्रतिनिधियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा श्रमदान के माध्यम से सहसपुर वेटलैण्ड क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट को हटाकर वेटलैण्ड को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन सरल, सहभागितापूर्ण एवं प्रेरक वातावरण में संपन्न हुआ।
इसी क्रम में उपवनमंडल पंडरिया अंतर्गत क्रांति जलाशय परिसर में भी विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान आर्द्रभूमियों को सुरक्षित रखने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जैव विविधता के संरक्षण हेतु सभी उपस्थितजनों द्वारा शपथ ली गई। इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया पूर्व एवं पश्चिम, विद्यालयीन छात्र-छात्राएँ तथा वन विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने मिलकर श्रमदान के माध्यम से जलाशय क्षेत्र की साफ-सफाई की।
साथ ही उपवनमंडल कवर्धा अंतर्गत सरोधा क्षेत्र एवं भोरमदेव अभ्यारण्य कवर्धा अंतर्गत भोरमदेव क्षेत्र में भी वेटलैण्ड संरक्षण विषय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रतिभागियों को आर्द्रभूमियों से मिलने वाले लाभों जैसे भूजल संरक्षण, वन्यजीवों के लिए आवास, जलवायु संतुलन तथा आजीविका के साधनों के संबंध में जानकारी दी गई।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर आयोजित इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया तथा आम नागरिकों को वेटलैण्ड संरक्षण के लिए निरंतर सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया गया।