मनेन्द्रगढ़ जनपद में इंजीनियरों पर भ्रष्टाचार के आरोप, विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ कुछ इंजीनियरों पर निर्माण कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कार्यों की गुणवत्ता और निरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, मनेन्द्रगढ़ | मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत इन दिनों विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चर्चाओं में है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ इंजीनियरों का जनपद में अत्यधिक प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण निर्माण कार्यों में नियम-कायदों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि कई विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता की आवश्यकता है।
बेनामी संपत्ति और कमीशनखोरी के आरोप
सूत्रों के अनुसार, जनपद में लंबे समय से पदस्थ कुछ इंजीनियरों पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने और निर्माण कार्यों में कमीशन लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि जनपद में अधिकारियों के बदलने के बावजूद कार्य प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देता।
निरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई विकास कार्यों में फील्ड निरीक्षण और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर है। आरोप है कि कई मामलों में बिना मौके पर जांच किए ही कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है। इसके कारण पंचायतों में निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पूर्व में हो चुकी है एसीबी की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पूर्व में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर द्वारा क्षेत्र में कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति में सुधार नहीं होने की शिकायतें फिर सामने आने लगी हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने वर्तमान में स्वीकृत विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्यों की पारदर्शी जांच कराई जाए तो कई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
प्रशासन से अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी की व्यवस्था की जाए तो विकास कार्यों की गुणवत्ता सुधर सकती है और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।