सरोवर समृद्धि योजना से ग्रामीणों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर, महिला समूहों ने अपनाया मछली पालन
नीति आयोग की सरोवर समृद्धि योजना के तहत कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला में तालाब गहरीकरण से जल संरक्षण के साथ आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की महिला स्व-सहायता समूह मछली पालन को रोजगार के रूप में अपना रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका के स्थायी साधन विकसित करने की दिशा में नीति आयोग की सरोवर समृद्धि योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला में तालाब गहरीकरण कार्यों के माध्यम से न केवल जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इन तालाबों में अब मछली पालन को आजीविका के साधन के रूप में अपनाया जा रहा है।
सरोवर समृद्धि योजना के अंतर्गत विकासखंड बोड़ला में कुल 58 तालाबों के गहरीकरण को मंजूरी दी गई है। इनमें से 23 तालाबों का पुनरुद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है। इन कार्यों के बाद तालाबों में पहले की तुलना में कहीं अधिक जल भराव हुआ है, जिससे भू-जल स्तर में वृद्धि और जल संरक्षण को मजबूती मिली है। अब इन तालाबों से ग्रामीणों के लिए आय के नए रास्ते खुल रहे हैं।
इन तालाबों में से 16 तालाबों में 160 सदस्यों वाले स्व-सहायता समूह मछली पालन की गतिविधियों से जुड़ चुके हैं। इस पहल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है।
इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा ने बताया कि मछली पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत 1,09,960 फिंगरलिंग मिश्रित मछली बीज की आपूर्ति की गई है। इनमें स्थानीय स्तर पर अधिक पसंद की जाने वाली मछलियों की प्रजातियां कतला, रोहू और मिरगल शामिल हैं। महिला समूहों को मछली बीज की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान विभाग द्वारा प्रदान किया गया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि ऋण के रूप में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत सामुदायिक जीवन निधि से उपलब्ध कराई गई है।
कलेक्टर वर्मा ने बताया कि महिला समूहों को मछली पालन गतिविधियों के लिए 10 दिवसीय विभागीय प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे इस व्यवसाय को तकनीकी रूप से बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।
वहीं प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम विनय कुमार पोयाम ने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनेगी, बल्कि भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी। महिला समूह स्थानीय बाजार में मछलियों की बिक्री कर बेहतर आमदनी अर्जित कर सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि विकासखंड बोड़ला आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम में शामिल है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा नीति आयोग के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। सरोवर समृद्धि योजना प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।