महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी, रोजगार सृजन में बना प्रदेश का सिरमौर

महात्मा गांधी नरेगा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कबीरधाम जिला एक बार फिर प्रदेश में अग्रणी रहा है। जिले ने सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं और परिवारों को रोजगार देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।

Jan 17, 2026 - 17:59
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महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी, रोजगार सृजन में बना प्रदेश का सिरमौर

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला एक बार फिर प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। वनांचल क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक जिले के ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में गांव में ही रोजगार मिलने से उत्साह का माहौल है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत विविध निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

विगत दिनों जिले में प्रतिदिन औसतन 32 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला लगातार प्रदेश की अग्रणी पंक्ति में बना हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने कई महत्वपूर्ण मानकों पर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

मनरेगा के अंतर्गत जिले में 1,994 दिव्यांगों को रोजगार प्रदान किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं 1,00,597 महिलाओं को रोजगार देकर कबीरधाम महिला सशक्तिकरण में भी अव्वल रहा है। इसके अलावा 1,01,405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। मानव दिवस रोजगार सृजन के मामले में जिले ने 35 लाख 60 हजार मानव दिवस रोजगार सृजित कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले की 427 ग्राम पंचायतों में 3,532 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इनमें कच्ची नाली निर्माण, तालाब गहरीकरण, गाद निकासी, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर, पशु शेड निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को जहां रोजगार मिल रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना का भी निर्माण हो रहा है। अब तक 78 करोड़ 81 लाख रुपये की मजदूरी राशि सीधे ग्रामीणों के बैंक खातों में भुगतान की जा चुकी है।

प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने बताया कि अब तक 3,347 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार के साथ-साथ समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। आजीविका संवर्धन और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम जिला प्रदेश में सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिलों में शामिल हो। मनरेगा के माध्यम से गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीणों की आजीविका मजबूत हो रही है और पलायन पर भी प्रभावी रोक लग रही है।