जोगीभाट हत्याकांड: 24 घंटे में 5 आरोपी गिरफ्तार, चाकू-डंडा बरामद
बालोद जिले के जोगीभाट गांव में हुए हत्याकांड में डौण्डीलोहारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में युवक कुणाल देशमुख की चाकू मारकर हत्या की गई थी।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोगीभाट में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर घटना में शामिल सभी 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना 2 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे की है, जब गांव के शीतला मंदिर में ग्रामीणों की बैठक चल रही थी। इस बैठक में गांव की समस्याओं को लेकर चर्चा हो रही थी, तभी अचानक विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक रूप ले बैठा।
जानकारी के अनुसार आरोपी सोहन लाल साहू, बेदलाल साहू, परमेश्वर देशमुख, टोमन लाल साहू और लोकनाथ यादव ने उपसरपंच डोमेन्द्र कुमार देशमुख के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी दौरान जब उपसरपंच के भतीजे 20 वर्षीय कुणाल देशमुख बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
मुख्य आरोपी सोहन लाल साहू ने धारदार चाकू से कुणाल देशमुख के सीने और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा अनुविभागीय अधिकारी बोनीफास एक्का के निर्देशन में तत्काल विशेष टीम का गठन किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी सोहन लाल साहू से हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद किया, जबकि परमेश्वर देशमुख से डंडा जप्त किया गया। साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने पांचों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुकेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक अनित राम यादव सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छोटे विवाद किस तरह गंभीर रूप ले सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं और कानून अपने हाथ में न लें।
इस प्रकार, जोगीभाट हत्याकांड में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ा संदेश दिया है कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।