अंबिकापुर में आबकारी उड़नदस्ता की बड़ी कार्रवाई: 76 नशीले इंजेक्शन जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
अंबिकापुर में आबकारी उड़नदस्ता टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाई में कुल 76 नशीले इंजेक्शन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।
UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर,अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नशे के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 76 नग नशीले इंजेक्शन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में की गई। उनके निर्देशन में टीम ने गश्त और मुखबिर सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
पहली कार्रवाई 2 अप्रैल 2026 को अजिरमा बुधवारी बाजार पानी टंकी के पास की गई। गश्त के दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पूरनम विश्वकर्मा बताया, जो सूरजपुर जिले का निवासी है और वर्तमान में अंबिकापुर में किराए के मकान में रह रहा था।
उसके पास मौजूद प्लास्टिक झोले की तलाशी लेने पर 22 नग REXOGESIC इंजेक्शन और 22 नग AVIL इंजेक्शन बरामद किए गए। आरोपी इन इंजेक्शनों को अवैध रूप से बेचने की फिराक में था।
दूसरी कार्रवाई 3 अप्रैल को की गई, जब आबकारी उड़नदस्ता को मुखबिर से सूचना मिली कि आराधना नामक युवती जेल तालाब दर्रीपारा क्षेत्र में खुलेआम नशीले इंजेक्शन बेच रही है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से 20 नग REXOGESIC इंजेक्शन और 12 नग AVIL इंजेक्शन जब्त किए गए। इस प्रकार दोनों कार्रवाइयों में कुल 76 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 3 अप्रैल को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आराधना नामक आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी, क्योंकि वह लगातार जेल तालाब क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री कर रही थी। सटीक सूचना मिलने पर उसे पकड़ने में सफलता मिली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जेल तालाब क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। यहां तक कि नशेड़ियों द्वारा कई बार आपराधिक घटनाएं भी की गई हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है।
रंजीत गुप्ता ने कहा कि सरगुजा क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए आबकारी उड़नदस्ता टीम लगातार सक्रिय है और “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारूराम, अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह, महिला सैनिक चंद्रावती, राजकुमारी सिंह एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अंबिकापुर में नशे के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है और किसी भी हालत में अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।