जानकारी के अनुसार, विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा लगाए गए फ्लेक्स बैनरों ने साइन बोर्ड को इस तरह ढक दिया है कि वे पूरी तरह नजर ही नहीं आ रहे हैं। इसका सीधा असर ट्रैफिक व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चौक पर लगे साइन बोर्ड दिशा बताने के लिए होते हैं, लेकिन फ्लेक्स लगने के कारण वे अपनी उपयोगिता खो चुके हैं। बाहर से आने वाले वाहन चालक रास्ता पहचान नहीं पा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
लोगों ने आरोप लगाया है कि कई बार संगठन और नेता प्रचार के लिए सार्वजनिक स्थानों का उपयोग इस तरह करते हैं कि आम जनता की सुविधा प्रभावित होती है। यहां भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां जनहित से ज्यादा प्रचार को प्राथमिकता दी गई है।
इस समस्या के कारण रोजाना ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है। खासकर नए या बाहर से आने वाले वाहन चालकों को दिशा समझने में काफी दिक्कत हो रही है, जिससे वे गलत रास्तों पर चले जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इन फ्लेक्सों को हटाया जाए और साइन बोर्ड को स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य बनाया जाए। उनका कहना है कि यह केवल सुविधा का नहीं बल्कि सुरक्षा का भी मामला है।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। सड़क पर लगे संकेतों का स्पष्ट दिखना यातायात व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी होता है, और इस तरह के अवरोध दुर्घटनाओं को न्योता दे सकते हैं।
प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार की सीमा तय नहीं होनी चाहिए, ताकि जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।