दुर्ग जिले में रोजगार एवं आवास दिवस आयोजित, प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार
दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई। योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन कर ग्रामीणों को रोजगार और आवास से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसरों, आवास योजनाओं और आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों से जोड़ना था।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी और समयबद्ध मजदूरी भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है।
रोजगार एवं आवास दिवस के दौरान जिले के विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों के बीच जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत मानिकचौरी में चारागाह निर्माण एवं वाट निर्माण कार्य स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में 54 श्रमिक शामिल हुए। वहीं बिरझापुर में जल संचयन तालाब निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों को रोजगार और आवास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहलाई में नाला जीर्णोद्धार कार्य में 196 श्रमिक कार्यरत रहे, जबकि कपसदा में जल संचयन तालाबों के नवीनीकरण कार्य में 231 श्रमिकों ने भागीदारी निभाई। इन कार्यस्थलों पर भी श्रमिकों को रोजगार अधिकार, मजदूरी भुगतान और आवास योजनाओं के संबंध में जागरूक किया गया।
इसी तरह जनपद पंचायत दुर्ग की ग्राम पंचायत भरदा, करगाडीह और खम्हरिया में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान रोजगार एवं आवास दिवस आयोजित किया गया। श्रमिकों को मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही मजदूरी भुगतान, रोजगार मांग पंजीयन और आवास निर्माण से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया।
जिले की कई अन्य ग्राम पंचायतों में भी कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को रोजगार मांग पंजीयन, समय पर मजदूरी भुगतान, जल संरक्षण कार्यों और आवास निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों से अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
अधिकारियों के अनुसार विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण, आधारभूत संरचना विकास और आजीविका संवर्धन को नई गति मिलेगी। इससे विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।
मनरेगा के तहत वर्तमान में दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से 64 हजार 049 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान समय में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जो रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि रोजगार एवं आवास दिवस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।