डिजिटल भुगतान पर शोध में सफलता: डॉ. शेख आदिल डल्ला को पीएचडी की उपाधि
बिलासपुर के डॉ. शेख आदिल डल्ला को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा वाणिज्य विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनका शोध डिजिटल भुगतान के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता व्यवहार पर आधारित है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु , बिलासपूर l छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक गौरवपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि सामने आई है, जहां डॉ. शेख आदिल डल्ला को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा वाणिज्य विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। यह सम्मान उन्हें उनके शोध कार्य “A Comparative Study on Consumer’s Cashless Payment Adaptation in Rural and Urban Areas of State Bank of India Branches” के लिए मिला है, जो डिजिटल भुगतान प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन माना जा रहा है।
डॉ. डल्ला का यह शोध ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा कैशलेस भुगतान अपनाने की प्रवृत्ति पर आधारित है। आज के डिजिटल युग में, जब नकद लेन-देन की जगह ऑनलाइन और डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह शोध समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उनके अध्ययन से यह समझने में मदद मिलती है कि अलग-अलग क्षेत्रों में लोग डिजिटल भुगतान को किस प्रकार अपना रहे हैं और इसमें किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
यह शोध कार्य उन्होंने कल्याण पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सेक्टर-7, भिलाई नगर (दुर्ग) स्थित शोध केंद्र से पूर्ण किया। इस दौरान उन्हें शोध निर्देशक के रूप में डॉ. अंजू कुमारी और सह-शोध निर्देशक डॉ. रविश कुमार सोनी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। दोनों के मार्गदर्शन में यह शोध सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. शेख आदिल डल्ला पहले से ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे एम.फिल, एमबीए और एम.कॉम जैसी शैक्षणिक उपाधियों से सुसज्जित हैं। इसके अलावा उनके नाम एक पेटेंट भी पंजीकृत है और कई शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी यह उपलब्धि उनके निरंतर प्रयास, शोध के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को दर्शाती है।
वर्तमान में डॉ. डल्ला बिलासपुर स्थित एलसीआईटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस में डीन एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। वे अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें शोध और नवाचार के लिए भी प्रेरित करते हैं।
उनकी इस सफलता पर उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनके पिता शेख खलील डल्ला, माता अख्तरी बेगम, भाई आमिल डल्ला, बहनें कायनात तब्बसुम और सना तब्बसुम, पत्नी अनीशा खान सहित सभी परिजनों और मित्रों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
डॉ. डल्ला की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। यह दर्शाता है कि समर्पण और मेहनत के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।