तरेगांव में धर्मांतरण के आरोपों पर बढ़ा विवाद, पादरियों पर FIR की मांग को लेकर ASP को सौंपा ज्ञापन
कबीरधाम जिले के तरेगांव थाना क्षेत्र के लालमाटी गांव में कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। हिंदू संगठनों ने दो पादरियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के तरेगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लालमाटी गांव में कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में विभिन्न हिंदू संगठनों ने दो पादरियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों का आरोप है कि चंगाई सभा के माध्यम से आदिवासी परिवारों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि लालमाटी गांव की एक बैगा महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार उसके परिवार को बीमारी ठीक होने का भरोसा दिलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में जब परिवार ने अपने मूल धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई, तब उन पर दबाव बनाया गया और कथित रूप से धमकियां भी दी गईं।
संगठनों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी अब तक संबंधित पादरियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला धर्म जागरण प्रमुख राजकुमार यादव और जनजातीय गौरव समाज के अध्यक्ष राजेश छेदावी सहित कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए इस मामले में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।