मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुरू की ‘गौधाम योजना’, कबीरधाम जिले में 36 गौधाम होंगे संचालित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए “गौधाम योजना” का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत कबीरधाम जिले में 36 गौधाम संचालित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए चारा, पानी, उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाएगी।

Mar 14, 2026 - 17:23
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुरू की ‘गौधाम योजना’, कबीरधाम जिले में 36 गौधाम होंगे संचालित

UNITED NEWS OF ASIA कवर्धा। छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण एवं व्यवस्थापन के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “गौधाम योजना” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले में भी गौधाम की स्थापना की जा रही है, जहां कुल 36 गौधाम संचालित किए जाएंगे।

कबीरधाम जिले में इस अवसर पर शहरी गौधाम (स्वर्ण जयंती गौधाम) लोहारा रोड स्थित परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गौपालक और किसान वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े। इस दौरान जिले में गौवंश संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान और गौपालक भी मौजूद थे।



जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही गौ माता को पूजनीय स्थान प्राप्त है और समाज में गौ सेवा और संरक्षण की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते शहरीकरण के कारण कई स्थानों पर गौवंश निराश्रित होकर सड़कों पर घूमते दिखाई देते हैं। ऐसे में गौवंश के संरक्षण, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। गौधाम की स्थापना से निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा और उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी।

जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट ने कहा कि गौ माता से हमें दूध सहित कई उपयोगी उत्पाद प्राप्त होते हैं, इसलिए उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी और इस योजना से किसानों और पशुपालकों को भी लाभ मिलेगा।

 

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश का विशेष महत्व है और गौधाम योजना के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने समाज से भी गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील की।

गौधाम योजना के तहत गौवंश के पोषण और देखभाल के लिए वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। योजना के अनुसार पहले वर्ष प्रति पशु प्रतिदिन 10 रुपये, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा गौधामों के अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

इसके साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान भी किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था होगी।

इस योजना के लागू होने से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी और गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।