कार्यक्रम का आयोजन सिविल लाइन स्थित लोकभवन में किया गया, जहां विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और कला का आकर्षक प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर उत्कल गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “अनेकता में एकता” भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यही हमारी पहचान भी है।
उन्होंने कहा कि “सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा” की भावना को आत्मसात करते हुए इस तरह के आयोजन देश की अखंडता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। ऐसे कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं, बल्कि लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं को समझने और सम्मान देने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
इस आयोजन में राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधायक पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देश की विविधता ही उसकी असली ताकत है और इसे सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक नृत्य, संगीत और वेशभूषा के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया गया। हर प्रस्तुति ने यह दर्शाया कि अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद हम सभी एक ही राष्ट्र के अभिन्न अंग हैं।
सावित्री जगत ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, सम्मान और समरसता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें देश की विविधता को समझना और उसे अपनाना चाहिए, ताकि भविष्य में एक सशक्त और एकजुट भारत का निर्माण किया जा सके।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना है। इस तरह के आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
समग्र रूप से यह कार्यक्रम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को गर्व और सम्मान की अनुभूति कराई।