जर्जर आंगनबाड़ी से नशे की बिक्री तक: बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का कसडोल में सख्त एक्शन

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कसडोल में आंगनबाड़ी और स्वामी आत्मानंद विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां जर्जर भवन, गंदगी, अनियमितताओं और स्कूल के आसपास नशे की बिक्री जैसी गंभीर कमियां पाई गईं। उन्होंने दोनों मामलों में तत्काल सुधार निर्देश जारी करते हुए विभागों को 22 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

Dec 12, 2025 - 15:28
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जर्जर आंगनबाड़ी से नशे की बिक्री तक: बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का कसडोल में सख्त एक्शन

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 27 नवंबर 2025 को बलौदाबाजार–भाठापारा जिले के कसडोल में दो महत्वपूर्ण संस्थानों—आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 04 और पी.एम.  स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल—का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी अधिकारों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना था।

सबसे पहले उन्होंने कसडोल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहां भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर और चिंताजनक पाई गई। दीवारों में गहरी दरारें थीं, प्लास्टर पूरी तरह टूट चुका था और छत भी क्षतिग्रस्त अवस्था में थी। बच्चों के बैठने, खेलने और सुरक्षित रूप से रही सकने की न्यूनतम सुविधाएं भी ठीक तरह से उपलब्ध नहीं थीं। डॉ. शर्मा ने इस स्थिति को बच्चों के अधिकारों का घोर उल्लंघन बताते हुए तत्काल भवन की मरम्मत, पुनर्निर्माण और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने पी.एम.  स्वामी आत्मानंद विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं देखी गईं। स्कूल परिसर में साफ-सफाई का अभाव था और शौचालयों की स्थिति भी दयनीय पाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह सामने आई कि विद्यालय परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों की सुरक्षा और मानसिक विकास के लिए अत्यंत हानिकारक हैं और ऐसे वातावरण में अध्ययनरत छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

डॉ. शर्मा ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 और 14 के अंतर्गत दोनों मामलों में अलग-अलग कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग को भवन की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और आवश्यक सुधार जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया। वहीं विद्यालय मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को सुरक्षित पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने तथा विद्यालय के आसपास नशे की बिक्री जैसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने को कहा गया।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दोनों मामलों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट 22 दिसंबर 2025 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आयोग आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करेगा।