गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल ने लगाई छबील, बांटा ठंडा शरबत

गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल द्वारा रायपुर के जयस्तंभ चौक में विशाल छबील सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान राहगीरों और श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत एवं चना प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और सिक्ख समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सेवा और मानवता का संदेश दिया।

Jun 18, 2026 - 11:54
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गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल ने लगाई छबील, बांटा ठंडा शरबत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर, 17 जून, सिक्ख पंथ के पांचवें गुरु एवं महान तपस्वी गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल द्वारा राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक में विशाल छबील सेवा का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्यक्रम के माध्यम से राहगीरों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए ठंडा एवं मीठा शरबत तथा चना प्रसाद वितरित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अरदास के साथ हुई। गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को स्मरण करते हुए समाज के लोगों ने सेवा भावना के साथ छबील में योगदान दिया। आयोजन में विभिन्न गुरुद्वारा समितियों, सामाजिक संगठनों और सिक्ख समाज के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बड़ी संख्या में राहगीरों ने अपने वाहन रोककर शरबत ग्रहण किया और सेवा कार्य की सराहना की।

छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन मानवता, सत्य, सेवा और त्याग की अनुपम मिसाल है। उन्होंने धर्म और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके जीवन से समाज को सहिष्णुता, धैर्य और समर्पण की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत की स्मृति में छबील सेवा का विशेष महत्व है। सिक्ख परंपरा के अनुसार शहीदी दिवस से पूर्व 40 दिनों तक गुरुद्वारों में सुखमणि साहिब का पाठ किया जाता है। शहीदी दिवस पर ठंडे शरबत की छबील लगाकर गुरु साहिब के बलिदान को याद किया जाता है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि मानव सेवा और परोपकार की जीवंत अभिव्यक्ति है।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सिक्ख धर्म की मूल भावना सेवा, प्रेम और भाईचारे पर आधारित है। छबील सेवा के माध्यम से समाज को यही संदेश दिया जाता है कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

इस अवसर पर हैप्पी सिब्बल, जगजीत सिंह खनूजा, जी.एस. भामरा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, गगनदीप सिंह हंसपाल, गुरदीप टुटेजा, वर्णिका शर्मा, मोना सेन, कुलदीप जुनेजा, रतनजीत कौर, राजू होरा, हरविंदर सिंह, कुलवंत छाबड़ा, मनीषा सिंह, परविंदर सिंह भाटिया, सतीश थोरानी, अमर परवानी, तजिंदर सिंह सलूजा, जस्सी खन्नूजा, अमरजीत सिंह संधू, अमरजीत सिंह दत्ता और दलजीत चावला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ सिक्ख काउंसिल ने सभी नागरिकों से गुरु अर्जन देव जी के बताए मार्ग पर चलने, मानव सेवा को जीवन का आधार बनाने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया। गुरु साहिब के बलिदान और सेवा भावना को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प भी लिया।