भानोरा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भानोरा में करीब साढ़े तीन एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जे के कारण सार्वजनिक उपयोग की भूमि सिकुड़ती जा रही है, जिससे सामुदायिक गतिविधियों, होलिका दहन और शासकीय निर्माण कार्यों पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जमीन की पैमाइश, अतिक्रमण हटाने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

Jun 13, 2026 - 10:27
 0  232
भानोरा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भानोरा के भीतर भानोरा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला ग्रामीणों के बीच चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा शासन की अधिकृत भूमि पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक उपयोग की जमीन धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में गांव के लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार, भीतर भानोरा में लगभग साढ़े तीन एकड़ सरकारी भूमि विभिन्न विकास कार्यों और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित है। इसी भूमि पर आंगनबाड़ी केंद्र और शासकीय सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी इसी परिसर में चल रहा है। बावजूद इसके, सामुदायिक शौचालय तक पहुंचने के लिए अब तक कोई अधिकृत मार्ग विकसित नहीं किया जा सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के लोगों द्वारा धीरे-धीरे जमीन को घेरने की वजह से सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण इसी तरह बढ़ता रहा तो भविष्य में शासकीय निर्माणों और विकास कार्यों के संचालन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।

स्थानीय निवासी राहुल सिंह ने बताया कि यह भूमि वर्षों से गांव की सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र रही है। गांव में पारंपरिक रूप से होलिका दहन का आयोजन इसी स्थान पर किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होते हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अतिक्रमण के कारण भविष्य में इस परंपरा को निभाने के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध नहीं रह पाएगा।

ग्रामीणों का मानना है कि यह जमीन पूरे गांव की साझा संपत्ति है और इसका संरक्षण आवश्यक है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि भूमि को सुरक्षित नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल सकेगा।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की है कि संबंधित सरकारी भूमि की तत्काल पैमाइश कराई जाए और वास्तविक सीमांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध कब्जों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि भूमि की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल या अन्य स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की संभावना न रहे।

इसके अलावा सामुदायिक शौचालय और निर्माणाधीन पानी की टंकी तक सुगम पहुंच के लिए अधिकृत मार्ग विकसित करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे सरकारी भूमि सुरक्षित रह सके और सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ लोगों को बिना किसी बाधा के मिल सके।