मरवाही जनपद CEO पर 90 लाख घोटाले के आरोप, अधिकारी ने बताया साजिश और किया खारिज

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जनपद पंचायत मरवाही के CEO विनय सागर जायसवाल पर 90 लाख के घोटाले के आरोप सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। CEO ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश बताया है।

Apr 11, 2026 - 14:12
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मरवाही जनपद CEO पर 90 लाख घोटाले के आरोप, अधिकारी ने बताया साजिश और किया खारिज

UNITED NEWS OF ASIA. सत्यम, दीक्षित गौरेला पेंड्रा मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में इन दिनों जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) विनय सागर जायसवाल पर लगाए गए 90 लाख रुपए के कथित घोटाले के आरोप सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और इसे जनपद की छवि से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, CEO विनय सागर जायसवाल ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मरवाही जनपद में इस प्रकार का कोई घोटाला हुआ ही नहीं है और कुछ लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर उनकी और जनपद की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकार के लोग ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाते हैं और बाद में पैसों की मांग करते हैं। जायसवाल ने बताया कि उनके पास भी एक व्यक्ति के माध्यम से पैसे की मांग की गई थी, जिसे उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया। उनका कहना है कि जब उन्होंने कोई गलत कार्य किया ही नहीं है, तो उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं है।

CEO ने आगे कहा कि वे इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और शासन स्तर पर जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग करेंगे। उन्होंने इसे उनकी छवि धूमिल करने के लिए रचा गया एक सोचा-समझा षड्यंत्र बताया।

इस पूरे मामले पर जब जनपद पंचायत मरवाही के उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने भी इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मरवाही जनपद में इस तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ है और यह केवल जनपद की छवि खराब करने की साजिश है।

अरविंद जायसवाल ने बताया कि इस गंभीर विषय को लेकर सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें ऐसे तथाकथित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद प्रशासन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सोशल मीडिया पर फैल रही सूचनाओं की सत्यता को लेकर भी बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और अफवाहों पर विराम लगाया जा सके।

फिलहाल, पूरा मामला जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों की सच्चाई क्या है।