बेमेतरा में विधिक सेवा सप्ताह के तहत स्कूलों में साक्षरता रैली, रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिता से बच्चों को दी गई कानूनी जानकारी
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (09 नवम्बर) के अवसर पर बेमेतरा जिले के विभिन्न स्कूलों में विधिक सेवा सप्ताह मनाया गया। इस दौरान विधिक साक्षरता रैली, जागरूकता शिविर, रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, बाल अधिकार, सायबर क्राइम और बाल विवाह जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। न्यायाधीशों की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के संयुक्त निर्देशानुसार 01 नवम्बर से 09 नवम्बर 2025 तक ‘विधिक सेवा सप्ताह’ के तहत बेमेतरा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक साक्षरता बढ़ाना और समाज में न्याय संबंधी अधिकारों की समझ विकसित करना है।
अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश सरोज नंद दास के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा की सचिव अनिता कोशिमा रावटे के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल सिंघौरी, शासकीय हाई स्कूल देवरी (बेरला), शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सुवरतला (साजा) सहित कई विद्यालय शामिल रहे।
इन स्कूलों में विधिक साक्षरता रैली, रंगोली, चित्रकला और नृत्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को कानून से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रथम व्यवहार न्यायाधीश सुश्री श्रुति साहू, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कु. सार्विका चतुर्वेदी तथा श्री तुषार बरीक की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने विद्यार्थियों को बालश्रम, बाल विवाह, सायबर अपराध, पॉक्सो एक्ट और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी।
नुक्कड़ नाटक और लघु फिल्मों के माध्यम से भी विद्यार्थियों को कानूनी जागरूकता दी गई, जिसमें मोबाईल अवेयरनेस, चाइल्ड ट्रैफिकिंग और मोटर दुर्घटना जैसे विषय शामिल थे। स्कूलों के विद्यार्थियों ने विधिक साक्षरता रैली निकालकर आमजन को भी कानून की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, “न्याय को घर-घर तक पहुँचाने” के उद्देश्य से अधिकार मित्रों के माध्यम से डोर-टू-डोर विधिक सहायता शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे हर नागरिक तक निःशुल्क विधिक परामर्श पहुँच सके।
यह अभियान जिले में विधिक साक्षरता को जमीनी स्तर तक ले जाने का एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।