रेलवे मानचित्र पर बस्तर को मिली नई पहचान, रावघाट से लौह अयस्क परिवहन शुरू : भोजराज नाग
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के तहत रावघाट (सरगीपाल) रेलवे स्टेशन से पहली बार लौह अयस्क परिवहन शुरू होने पर सांसद भोजराज नाग ने इसे बस्तर के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के तहत रावघाट (सरगीपाल) रेलवे स्टेशन से पहली बार लौह अयस्क का परिवहन शुरू होने पर कांकेर सांसद भोजराज नाग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बस्तर के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक रेल परियोजना की सफलता नहीं, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है।
भोजराज नाग ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण चरण अब पूरा हो चुका है। रावघाट तक रेल लाइन पहुंचने और वहां से मालगाड़ियों के माध्यम से लौह अयस्क का परिवहन शुरू होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर अब नक्सलवाद की पहचान से आगे बढ़कर विकास, औद्योगिक प्रगति और आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए जाना जा रहा है।
सांसद नाग ने इस उपलब्धि के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी), रेलवे विभाग के अधिकारियों, अभियंताओं और परियोजना से जुड़े श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इंजन और मालगाड़ी रैक का सफल संचालन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बस्तर देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
उन्होंने कहा कि रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क के समृद्ध भंडारों के लिए जाना जाता है। रेल परिवहन शुरू होने से खनिजों की ढुलाई पहले की तुलना में अधिक सुगम, तेज और किफायती होगी। इससे उत्पादन और परिवहन लागत में कमी आएगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
भोजराज नाग ने कहा कि रेलवे संपर्क बढ़ने से बस्तर में सहायक उद्योगों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि विकास की इस प्रक्रिया से स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
सांसद ने यह भी कहा कि मालगाड़ियों की सफल आवाजाही के बाद भविष्य में यात्री ट्रेन सेवाओं के संचालन की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। इससे नारायणपुर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों तथा मरीजों को यात्रा की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
भोजराज नाग ने कहा कि यह पहल केवल खनिज परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर और नारायणपुर के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में सड़क, रेल, संचार और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से होगा और क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।