UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल | छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और भावनाओं को सहेजने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। सरोज पांडेय के नेतृत्व में “बचपन का टिकट – चलव दीदी खेल-खेले बर जाबो” कार्यक्रम का आयोजन 29 मार्च, रविवार को शाम 4 बजे पदमनाभपुर स्टेडियम में किया जाएगा।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से मातृ शक्तियों और गृहिणियों को समर्पित है, जिसका उद्देश्य उन्हें उनके बचपन की खुशियों से दोबारा जोड़ना और रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से कुछ सुकून भरे पल देना है।
सरोज पांडेय ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने लिए समय नहीं निकाल पातीं। ऐसे में यह आयोजन उन्हें खुशी, अपनापन और आत्मीयता का अनुभव कराने का एक प्रयास है।
कार्यक्रम में पारंपरिक खेलों की झलक देखने को मिलेगी, जिनमें खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, रस्सी कूद, कुर्सी दौड़, बोरा दौड़, चम्मच दौड़ और जलेबी दौड़ शामिल हैं। ये खेल न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम होंगे, बल्कि प्रतिभागियों को उनके बचपन की यादों से भी जोड़ेंगे।
प्रतियोगिता को दो आयु वर्ग—18 से 25 वर्ष और 25 वर्ष से अधिक—में विभाजित किया गया है। सभी प्रतिभागियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा और विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
सखी सहेली महिला समूह द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, खुशी और सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है |