गोंडी और हल्बी भाषा में होगा महिला एवं बाल विकास योजनाओं का प्रचार, लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए निर्देश

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर संभाग में गोंडी और हल्बी भाषा में योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, आंगनबाड़ी केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा कुपोषण और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।

Jul 3, 2026 - 13:32
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गोंडी और हल्बी भाषा में होगा महिला एवं बाल विकास योजनाओं का प्रचार, लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने हालिया बस्तर संभाग प्रवास और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ हुई चर्चा से प्राप्त अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ तभी संभव है, जब स्थानीय लोगों तक उनकी भाषा में जानकारी पहुंचे। इसी उद्देश्य से उन्होंने बस्तर संभाग में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी और हल्बी भाषा में कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सही जानकारी आसानी से पहुंच सके।

मंत्री ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जाए, जिससे महिलाओं और बच्चों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जिलों में विभागीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

कुपोषण के मुद्दे पर विशेष जोर देते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों और उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) और वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

बैठक के अंत में लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग में विकास और विश्वास का नया वातावरण बना है। ऐसे समय में विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे।