7 सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवारों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

पखांजुर में छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन के बैनर तले कोटवारों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सम्मानजनक मानदेय, सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान और लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

Jul 3, 2026 - 15:38
 0  5
7 सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवारों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजुर l छत्तीसगढ़ के पखांजुर में अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवारों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर शासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में कोटवार शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लंबित मांगों को उठाते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के कोटवार लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोटवार ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और विभिन्न शासकीय कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है।

कोटवारों ने कहा कि उनकी सात सूत्रीय मांगों में सम्मानजनक मानदेय, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान, कार्य के अनुरूप सुविधाएं और अन्य लंबित मुद्दों का निराकरण शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर ज्ञापन और आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

धरना-प्रदर्शन के बाद कोटवार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पखांजुर के अनुविभागीय अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि कोटवारों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और उनकी सात सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटवार अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

कार्यक्रम में शामिल कोटवारों ने शासन से अपील की कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि वे बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में कोटवारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन पूरे समय शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। प्रदर्शन के बाद सभी कोटवार शांतिपूर्वक अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए।

अब इस मामले में सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं। कोटवारों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। वहीं यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो एसोसिएशन ने भविष्य में आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन पर शासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।