मानसून के साथ खेती ने पकड़ी रफ्तार, प्रदेश में 6.25 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी

छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के साथ खरीफ सीजन की बुआई तेज हो गई है। राज्य में अब तक 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 13 प्रतिशत है। किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद, 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज और 5525 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है।

Jul 3, 2026 - 15:31
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मानसून के साथ खेती ने पकड़ी रफ्तार, प्रदेश में 6.25 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही खरीफ सीजन की खेती ने गति पकड़ ली है। राज्य में किसानों ने बड़े पैमाने पर खेतों में बुआई शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार 2 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस वर्ष निर्धारित कुल लक्ष्य का लगभग 13 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2026 में कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर प्रमाणित खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भंडारण सुनिश्चित करने तथा पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग की निगरानी में किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया, जिसमें से अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। यह कुल मांग का लगभग 62 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण हुआ था।

प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्रों में 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है।

कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी विभिन्न खरीफ फसलों की बुआई लगातार बढ़ रही है। वहीं मौसम की स्थिति भी खेती के अनुकूल बनी हुई है। 2 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 96.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिलीमीटर है।

राज्य सरकार किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण भी उपलब्ध करा रही है। 30 जून 2026 तक किसानों को 5525 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 4517 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। इस वर्ष सरकार ने कुल 8800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है।

कृषि विभाग का कहना है कि समय पर वर्षा, खाद-बीज की उपलब्धता और वित्तीय सहायता से इस वर्ष खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। सरकार लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है ताकि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।