UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फाइव स्टार होटलों को निशाना बनाकर ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय शातिर ठग को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी विन्सेंट जॉन को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है और उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित होटल हयात से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी होटल में ठहरा था और होटल का बिल चुकाए बिना वहां से फरार हो गया। इतना ही नहीं, उसने अपने अनुरोध पर मंगवाया गया एक कीमती लैपटॉप भी अपने साथ ले लिया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाकर उसे भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया लैपटॉप भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी देशभर के महंगे और प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों को अपना निशाना बनाता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार वह देशभर के 300 से अधिक फाइव स्टार होटलों में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। हालांकि इन मामलों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी के खिलाफ मेट्रो शहरों सहित 10 से अधिक राज्यों में कई एफआईआर दर्ज हैं। वह वर्ष 1996 में पहली बार तिहाड़ जेल गया था और इसके बाद विभिन्न राज्यों की जेलों में भी लंबे समय तक बंद रह चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का अधिकांश जीवन जेलों और महंगे होटलों के बीच ही बीता है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी स्वयं को कभी विदेशी पर्यटक गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योग प्रशिक्षक बताकर लोगों का विश्वास जीतता था। इसी पहचान का इस्तेमाल कर वह प्रतिष्ठित होटलों में ठहरता और फिर योजनाबद्ध तरीके से ठगी और चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी कथित रूप से कुख्यात अपराधी Charles Sobhraj से प्रभावित था और उसी की कार्यशैली से प्रेरित होकर अपराध करता था। हालांकि इस संबंध में पुलिस जांच जारी है।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रायपुर पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ या अन्य राज्यों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है तथा उसके नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय किया जाएगा।