हिड़मा पर बयान को लेकर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, शहीदों के अपमान का लगाया आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव के कथित हिड़मा संबंधी बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे झीरम घाटी हमले में शहीद हुए नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों का अपमान बताया है। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण और प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की है।

Jul 16, 2026 - 10:38
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हिड़मा पर बयान को लेकर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, शहीदों के अपमान का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव के कथित हिड़मा संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, सुरक्षा बलों के जवानों और अन्य शहीदों के बलिदान का अपमान है।

जारी बयान में केदार कश्यप ने कहा कि हिड़मा का नाम वर्षों से बस्तर में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमलों, निर्दोष आदिवासियों की हत्या और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है। ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे कांग्रेस की नक्सलवाद को लेकर सोच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि 25 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले को प्रदेश और देश कभी नहीं भूल सकता। इस हमले में नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता और सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए थे। केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि जिस घटना को लेकर कांग्रेस वर्षों तक न्याय की मांग करती रही, उसी घटना से जुड़े कुख्यात नक्सली का महिमामंडन करना पार्टी के दोहरे रवैये को दर्शाता है।

केदार कश्यप ने कहा कि हिड़मा का नाम केवल झीरम घाटी तक सीमित नहीं है, बल्कि सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा सहित बस्तर के कई बड़े नक्सली हमलों में भी सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नेतृत्व में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर घातक हमले किए, आईईडी विस्फोट किए और सड़क, पुल, स्कूल तथा अन्य विकास कार्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चला रही है। ऐसे समय में इस तरह के बयान नक्सल विरोधी अभियान को कमजोर करने वाला संदेश दे सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग करते हुए पूछा कि क्या यह बयान पार्टी की आधिकारिक सोच है या नहीं।

वन मंत्री ने कांग्रेस से प्रदेश की जनता और झीरम घाटी हमले में शहीद हुए सभी लोगों के परिजनों से माफी मांगने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता शहीदों के बलिदान का सम्मान करती है और नक्सल हिंसा का समर्थन या महिमामंडन किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाने तथा नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।