ताला बंद अस्पताल के बरामदे में गूंजी नवजात की किलकारी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
कोंडागांव जिले के सोनाबाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला। अस्पताल के बरामदे में ही महिला ने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि विभाग ने आरोपों से इनकार करते हुए मामले की जांच और संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनाबाल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने पर मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। अस्पताल परिसर में तत्काल कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलने के कारण महिला ने अस्पताल के बरामदे में ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, मोहलई गांव निवासी 27 वर्षीय शांति कश्यप को शुक्रवार रात लगभग साढ़े आठ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें तत्काल वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनाबाल लेकर पहुंचे। रात लगभग 9:30 बजे अस्पताल पहुंचने पर मुख्य गेट बंद मिला और उस पर ताला लगा हुआ था। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक अस्पताल स्टाफ की तलाश की गई, लेकिन कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला।
इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और अस्पताल के बरामदे में ही उसने लगभग तीन किलोग्राम वजन के स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद उन्हें बाजार से ब्लेड सहित आवश्यक सामग्री स्वयं खरीदकर लानी पड़ी। महिला पहले से दो बच्चों की मां है और नवजात के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी बनी हुई है।
घटना के समय महिला के साथ उसके पति अंगद राम कश्यप, परिजन और मितानिन मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि घटना के करीब 20 मिनट बाद स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी मौके पर पहुंचा। इस दौरान अस्पताल के बाहर फैले खून और अन्य तरल पदार्थों की सफाई भी परिजनों और साथ आए लोगों ने स्वयं की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल के बाहर प्रसव होने और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप दिखाई दे रहे हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनाबाल में पदस्थ द्वितीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता हिरमती साहू का कहना है कि सूचना मिलते ही वह तत्काल अस्पताल पहुंच गई थीं। उनके अनुसार अस्पताल का गार्ड कुछ समय के लिए बाहर गया था, इसलिए गेट पर ताला लगा था। उन्होंने दावा किया कि महिला का प्रसव वाहन से उतरते समय ही हो गया था और गर्भनाल काटकर मां एवं नवजात को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्टाफ की कमी है, क्योंकि एक स्टाफ नर्स मातृत्व अवकाश पर हैं और दूसरी कर्मचारी शैक्षणिक अवकाश पर हैं। फिलहाल मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।