नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा
नारायणपुर से 12 अगस्त को बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होते हुए 14 अगस्त को बीजापुर के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर संपन्न होगी। यात्रा के माध्यम से बस्तर में शांति, विकास, राष्ट्र निर्माण और नक्सलवाद से मुक्ति का संदेश दिया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
इस अवसर पर मंत्रियों ने यात्रा में शामिल बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और बस्तर में शांति एवं विकास का संदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जो पहले नक्सली घटनाओं से प्रभावित रहे हैं। यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को बस्तर में आए बदलाव और नक्सलवाद से मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य से किया गया है, क्योंकि यह जिला लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों को कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माना जाता था, आज उन्हीं इलाकों से तिरंगा यात्रा निकल रही है। यात्रा के दौरान उन स्थानों की मिट्टी एकत्र की जाएगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा।
पहले दिन यात्रा नारायणपुर से मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार और बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद नारायणपुर के विकास को नई गति मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नारायणपुर शांति, विकास और सांस्कृतिक समृद्धि का उदाहरण बनेगा।
कार्यक्रम में लघु वनोपज संघ अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया, संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।