चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष एवं रायपुर संभाग प्रभारी जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि किसी भी संस्था की ताकत उसकी सदस्यता होती है। उन्होंने बताया कि बड़ी प्रदेश कार्यकारिणी बैठकों में सभी क्षेत्रीय इकाइयों की गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए पहली बार संभाग स्तरीय समीक्षा एवं योजना बैठक की पहल की गई है, ताकि प्रत्येक इकाई से सीधा संवाद स्थापित हो और अंतिम व्यापारी तक चेम्बर की गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी पहुंचे। उन्होंने सभी इकाइयों से अप्रैल 2025 से अब तक आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी चेम्बर कार्यालय को उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि गतिविधियों का संकलन कर व्यापारिक हित में आगामी रणनीति तैयार की जा सके।
कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुन्दरानी ने कहा कि छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान संगठन की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों के स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चेम्बर के माध्यम से रायपुर के बड़े अस्पतालों के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत व्यापारी और उनके परिजन अस्पताल में भर्ती होने पर निर्धारित मेडिकल छूट का लाभ ले सकते हैं। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि बैठक में सामने आई समस्याओं को शासन के समक्ष पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी इकाइयों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने कहा कि संभाग स्तरीय बैठकों के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर के व्यापारी की आवाज सीधे चेम्बर नेतृत्व तक पहुंच सकेगी। उन्होंने क्षेत्रीय बाजारों में सड़क, बिजली, निकासी व्यवस्था, पार्किंग और महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रयास करने की बात कही। उन्होंने जीएसटी संबंधी सुझावों के लिए सीए एसोसिएशन से संपर्क करने और बदलती व्यापारिक परिस्थितियों के अनुरूप नई तकनीक से खुद को अपडेट करने पर भी जोर दिया।
बैठक में धमतरी, सरायपाली, गरियाबंद, बलौदाबाजार और भाटापारा सहित विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपनी गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी दी। गरियाबंद, राजिम और देवभोग में चेम्बर इकाई के गठन का सुझाव रखा गया। वहीं बिजली व्यवस्था, ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी की तकनीकी समस्याओं और बाजार में चिल्हर की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने ऑनलाइन बाजार के बढ़ते प्रभाव से छोटे और खुदरा व्यापारियों को होने वाली परेशानी का उल्लेख करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता जताई।
बैठक के दौरान सभी इकाइयों ने अप्रैल 2025 से अब तक की गतिविधियों की लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी तीन महीनों के व्यापार संवर्धन कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की। नए सदस्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। संगठन को मजबूत बनाने में योगदान के लिए कुछ पदाधिकारियों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनीष प्रजापति ने किया और आभार प्रदर्शन अमरदास खट्टर ने किया। अंत में व्यापारियों के अधिकार, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया और राष्ट्रहित एवं व्यापार हित के नारों के साथ बैठक का समापन हुआ।