भूमिहीन मजदूर परिवार के लिए सहारा बनी दीनदयाल उपाध्याय योजना, घुरउ डहरिया को हर साल मिल रही 10 हजार रुपये की सहायता

कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी भूमिहीन मजदूर घुरउ डहरिया को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस सहायता से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में राहत मिली है।

Jul 31, 2026 - 16:43
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भूमिहीन मजदूर परिवार के लिए सहारा बनी दीनदयाल उपाध्याय योजना, घुरउ डहरिया को हर साल मिल रही 10 हजार रुपये की सहायता

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही है। कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी घुरउ डहरिया इसका एक उदाहरण हैं, जिन्हें इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। यह राशि उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

घुरउ डहरिया वर्षों से दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण उनकी आय का एकमात्र साधन मजदूरी ही है। सीमित आमदनी के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना हमेशा कठिन रहा। ऐसे समय में राज्य सरकार की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए राहत लेकर आई।

योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाती है। घुरउ डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों को ही मिलता है, लेकिन इस योजना से लाभान्वित होने के बाद उनका यह भ्रम दूर हो गया। अब उन्हें विश्वास है कि सरकार समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

घुरउ डहरिया का कहना है कि हर वर्ष मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता से परिवार के घरेलू खर्च, आवश्यक वस्तुओं की खरीद और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। इससे आर्थिक दबाव कम हुआ है और परिवार को कठिन परिस्थितियों में सहारा मिला है।

उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शामबाई डहरिया को भी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। उनका मानना है कि ऐसी योजनाएं भूमिहीन मजदूर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।

घुरउ डहरिया ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन मजदूर परिवारों को सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके पास अपनी कृषि भूमि नहीं है और जो पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर हैं।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से राज्य सरकार भूमिहीन श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। योजना का लाभ मिलने से अनेक जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस कर रहे हैं।