कार्यक्रम का माहौल उत्साह और जोश से भरा रहा। सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं संघ के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार पासवान के सिवनी आगमन पर श्रमिकों ने ढोल-ताशों के साथ भव्य स्वागत किया। गेट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक जुलूस के रूप में उनका स्वागत किया गया, जहां महिला और पुरुष श्रमिकों ने पुष्पवर्षा कर सम्मान प्रकट किया। मध्य प्रदेश में उनके प्रथम आगमन को लेकर श्रमिकों में विशेष उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें अरुण कुमार पासवान के साथ महेश जी, रणवीर सिंह (प्रदेश प्रभारी), सुधीर गुप्ता, विमल कुमार, हरकेश जी, सुनील निगम और गणेश मालवीय सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके पश्चात अतिथियों का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। साथ ही लक्ष्मी माता, राधा-कृष्ण और गणेश जी की प्रतिमाएं भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।
सम्मेलन में सिवनी, छिंदवाड़ा, लिंगा, नैनपुर, मंडला, चिराई डोंगरी, केवलारी और परासिया से आए माल गोदाम श्रमिकों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें रजिस्टर बुक वितरित कर दैनिक कार्य और उपस्थिति दर्ज करने की सलाह दी गई, जिससे कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे।
अपने संबोधन में अरुण कुमार पासवान ने श्रमिकों को एकजुट होने का संदेश देते हुए कहा कि अधिकारों की रक्षा और उन्हें प्राप्त करने के लिए संगठित संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “श्रमिकों को जागरूक होकर अपने हक के लिए आगे आना होगा। जब हम खुद बदलेंगे, तभी व्यवस्था में बदलाव संभव होगा।”
उन्होंने आगे श्रमिकों को सलाह दी कि वे अपने-अपने माल गोदामों में सरकारी पंजीकरण कराएं, ताकि नई लेबर कोड व्यवस्था के तहत उन्हें सभी कानूनी अधिकार मिल सकें। संघ इस दिशा में श्रमिकों के हित में हर संभव प्रयास करेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रणवीर सिंह ने की, जबकि संचालन हेमंत कुमार ने किया। आभार प्रदर्शन सुनील निगम और गणेश मालवीय ने किया। सम्मेलन में सैकड़ों श्रमिकों की भागीदारी ने इसे अत्यंत सफल और प्रभावशाली बना दिया।
यह सम्मेलन श्रमिक एकता, अधिकारों की जागरूकता और भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।