स्कूल जतन योजना पर AAP ने उठाए सवाल, करोड़ों खर्च के बाद भी हजारों काम अधूरे होने का आरोप
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई जिलों में स्कूलों के मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के कार्य अधूरे हैं। AAP ने जुलाई 2024 में दिए गए जांच आदेश की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अनियमितताओं पर कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के क्रियान्वयन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों को बेहतर स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजना में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर निर्माण और मरम्मत के कार्य अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बावजूद स्थिति को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अभिषेक मिश्रा के अनुसार वर्ष 2023 में विधानसभा में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कमरों के निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई थी। मार्च 2023 के विधानसभा रिकॉर्ड में करीब 11 हजार विद्यालयों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में योजना के तहत 2,133 करोड़ रुपये की लागत से 29 हजार से अधिक स्कूलों में विभिन्न कार्य कराने की घोषणा की गई थी।
उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन की स्थिति कई जिलों में संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 920 स्कूलों से जुड़े कार्यों में केवल 295 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि 545 कार्य अधूरे बताए गए थे। उनके अनुसार यह संख्या कुल कार्यों का लगभग 59 प्रतिशत है।
AAP नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जुलाई 2024 में स्कूल जतन योजना के वर्ष 2022-23 में स्वीकृत मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों की जांच के निर्देश दिए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से सभी कलेक्टरों को विशेषज्ञ समिति के माध्यम से कार्यों की औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। अभिषेक मिश्रा ने सवाल उठाया कि यदि वर्ष 2024 में योजना के कार्यों की जांच जरूरी समझी गई थी तो जांच की अंतिम रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
उन्होंने गरियाबंद जिले के मैनपुर का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार नवंबर 2025 की रिपोर्ट में 114 स्वीकृत कार्यों में केवल 17 कार्य पूर्ण और 97 कार्य अधूरे पाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि एक प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन के लिए 14 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ और भवन का काम पूरा कराने के लिए पालकों को चंदा जुटाना पड़ा।
अभिषेक मिश्रा ने कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना सहित अन्य मदों से 163 जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए करीब 6.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कई कार्यों के अधूरे रहने का दावा किया गया है।
AAP ने सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में कितने काम पूरे हुए, कितने अधूरे हैं और कितने अब तक शुरू नहीं हुए, इसकी जिलेवार जानकारी सार्वजनिक की जाए। पार्टी ने जुलाई 2024 के जांच आदेश के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं का ब्यौरा देने तथा अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान करने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को योजना की प्रगति और जांच से संबंधित सभी तथ्य सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।